₹2 लाख करोड़ इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को मंजूरी, कई राज्यों को मिलेगा लाभ
केंद्र सरकार ने ₹2 लाख करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी। महाराष्ट्र और ओडिशा समेत कई राज्यों में सड़क, रेल और लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा मिलेगा।

Reading time
8 min
केंद्र सरकार ने लगभग ₹2 लाख करोड़ के नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इस पैकेज में राष्ट्रीय राजमार्ग विस्तार, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने की योजनाएं शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य कनेक्टिविटी सुधारना और आर्थिक गतिविधियों को गति देना है।
किन परियोजनाओं को मिली मंजूरी
महाराष्ट्र में नासिक–सोलापुर 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है। इससे औद्योगिक और कृषि परिवहन को गति मिलने की उम्मीद है। ओडिशा में राष्ट्रीय राजमार्ग 326 को 4-लेन में विस्तारित करने की योजना है, जिससे गजपति, रायगड़ा और कोरापुट जैसे क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
इसके अलावा टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए बहुवर्षीय फंडिंग प्रावधान प्रस्तावित है। सरकार के अनुसार शहरी अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स और सार्वजनिक परिवहन सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
हाई-स्पीड रेल और फ्रेट कॉरिडोर
सरकारी योजनाओं में नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की प्रारंभिक तैयारी और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के विस्तार का प्रस्ताव भी शामिल है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य माल परिवहन को तेज और लागत प्रभावी बनाना है।
आर्थिक प्रभाव और रोजगार
- निर्माण क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं
- सीमेंट, स्टील और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में मांग में वृद्धि संभव
- औद्योगिक क्लस्टर और वेयरहाउसिंग नेटवर्क को लाभ
- ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बेहतर सड़क संपर्क
- परिवहन समय में कमी से लागत बचत
क्रियान्वयन और समयसीमा
परियोजनाओं का क्रियान्वयन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय स्वीकृतियों और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभिक चरण में है। कई परियोजनाओं को अगले 2 से 5 वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
राज्यों के लिए संभावित लाभ
महाराष्ट्र और ओडिशा जैसे राज्यों में इन परियोजनाओं से औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिल सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन और कृषि आपूर्ति श्रृंखला को भी लाभ होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का अर्थव्यवस्था पर बहुगुणक प्रभाव पड़ता है, हालांकि वास्तविक परिणाम परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन पर निर्भर करेंगे।
अंतिम शब्द
₹2 लाख करोड़ का यह इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज भारत की दीर्घकालिक विकास रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सड़क, रेल और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विस्तार से क्षेत्रीय असंतुलन कम करने और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रहेगी।